94 फीसदी अंकों के साथ पास कर दृढ निश्चय का परिचय दिया

हिमाचल
Spread the love

नेरवा/  तहसील नेरवा के न्योल क्षेत्र के कांदल गाँव की साक्षी की राह में कई वाधाएँ आने के बावजूद वह लगातार अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ रही है ! साक्षी जब अपने गाँव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल कांदल में नवीं कक्षा में पढ़ रही थी तो उसके पिता सुरेंदर की अकस्मात मौत होने से उसपर दुःखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि उसकी आगे की पढ़ाई पर संकट के बादल खड़े हो गए ! परन्तु उसने हिम्मत नहीं हारी व किसी तरह अपने गाँव के स्कूल से ही दसवीं कक्षा 700 में से 658 अंक लेकर 94 फीसदी अंकों के साथ पास कर दृढ निश्चय का परिचय दिया ! दसवीं की पढ़ाई के बाद की शिक्षा के लिए नेरवा पंचायत के गढ़ा गाँव के समीप रहने वाली उसकी बुआ बिन्ता रणाइक आगे आई ! अब साक्षी आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले अपने भाई रोहन के साथ अपनी बुआ के घर रह कर शहीद श्याम सिंह राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल नेरवा में ग्याहरवीं क्लास की पढ़ाई कर रही है ! साक्षी की एक बड़ी बहन ईताक्षि गाँव के स्कूल में जमा दो में पढ़ रही है ! साक्षी ने बताया कि उसकी माँ सत्या देवी साग सब्जियां आदि उगा कर अपना व ईताक्षि का भरण पोषण कर रही है ! इसके आलावा सेना में कार्यरत उसके चाचा सुभाष चंद भी उनके परिवार की अक्सर मदद करते रहते हैं ! उसने बताया कि जब उसने नेरवा में जमा एक में प्रवेश लिया तो उसके सामने स्कूल की वर्दी और महंगी किताबे खरीदने की सबसे बड़ी समस्या थी,क्योंकि एक एक किताब की कीमत सात आठ सौ रुपये तक थी ! परन्तु इन सब का इंतजाम भी किसी तरह हो गया ! बुआ बिन्ता ने वर्दी बनवा दी व बहन ईताक्षि ने कुछ अपनी व कुछ अन्य छात्रों से पुरानी किताबों का इंतजाम कर दिया है ! अब तो अपना लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ना चाहती है ! साक्षी ने बताया कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा के जरिये निर्धनों और जरूरतमंद लोगों की मदद करना चाहते है,जिसके लिए वह अभी से कड़ी मेहनत कर रही है !  

Leave a Reply