अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव के प्रथम दिन ऐतिहासिक मैदान पर महानाटी प्रस्तुत कर ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ का संदेश संप्रेषित किया गया।

हिमाचल
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शिमला 03 जून,
अतिरिक्त मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग निशा सिंह ने इस अवसर पर कहा कि केंद्र तथा प्रदेश सरकार द्वारा कन्याओं के लिए अनेक महत्वकांक्षी कार्यक्रम एवं योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यह प्रयास कर रही है कि प्रदेश की सभी कन्याओं तक लक्षित योजनाओं के लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव के प्रथम दिन इस महानाटी के माध्यम से सभी तक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया है। 
निशा सिंह ने कहा कि इस महानाटी में शिमला जिला के सभी विकास खंडों की लगभग 650 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। शिमला जिला में अपनी तरह के इस प्रथम प्रयास में महानाटी के माध्यम से लोगों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के साथ-साथ, राष्ट्रीय पोषण अभियान, स्वच्छता अभियान एवं समेकित बाल विकास परियोजना की जानकारी दी गई। महानाटी के माध्यम से लोगों को बताया गया कि स्वस्थ समाज के लिए महिलाओं का स्वस्थ होना आवश्यक है। 
महानाटी में शिमला जिला के विभिन्न क्षेत्रों की नाटियों को इन महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किया गया। महानाटी के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि लोक संस्कृति के संवर्द्धन व संरक्षण में नाटी अत्यंत महत्वपूर्ण है। महानाटी के माध्यम से नृत्य की एकरूपता और भव्यता अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव के आयोजन में एक आकर्षण के रूप में उभरी है।
इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून एवं व्यवस्था प्रभा राजीव, उपमंडलाधिकारी शिमला शहरी नीरज चांदला, जिला कार्यक्रम अधिकारी ईरा तनवर, सीडीपीओ ममता पाल सहित जिला के विभिन्न भागों से आइ आंगनबाड़ी कार्यकता तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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