आस पास जंगलों में आग लगने से पर्यावरण और वन सम्पदा की भारी क्षति :

हिमाचल
Spread the love

9 जून 2019

राजधानी शिमला के ग्रामीण इलाकों में  जंगलों में आग लगने  की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है  शिमला ग्रामीण के आसपास के क्षेत्रों में सभी जगह  चीन के जंगलों में आग लगी हुई है  जिसे  फॉरेस्ट विभाग द्वारा  आग बुझाने का कार्य व ग्रामीण  लोगों की मदद से बुझाने का कार्य। जोरों पर है । शिमला के उप नगर टुटू के आस पास जंगलों में आग लगने से पर्यावरण और वन सम्पदा की भारी क्षति :
पिछले तीन दिनों से शिमला शहर के साथ लगती ग्राम पंचायत टुटू -मजठाई, रामपुर क्योंथल और बागी के जंगलों में मानवीय लापरवाही के चलते भयानक आग लगी हुई है, जिस कारण पर्यावरण और वन सम्पदा का भारी नुकसान हुआ है l पक्षियों के प्रजनन सीजन होने के कारण पक्षियों के बच्चे और अण्डे जल कर राख हो गए है l तेज हवा के चलते ऊँची ऊँची आग की लपटों के कारण बड़े पेड़ भी जल रहे है l लगभग दो-तीन दशक पहले वन विभाग द्वारा किया गया चील का पौधारोपण ही आज आग की बड़ी आपदा का कारण बन गया है l अब ये पौधे बड़े पेड़ हो गए है और इनके पतों में विरोजा होने के कारण चील के पत्ते आग भड़काने में पेट्रोल की भाँती काम करते है l जो जंगल सड़क के नजदीक है वंहा कुछ दूरी तक तो फायर ब्रिगेड पानी की बछौर से आग बुझा सकते है, जबकि सड़क से दूर पहाडियों पर वन विभाग के कर्मचारियों को जन्दरी और हरे पत्तों की टहनियों के साथ आग बुझाने का काम करना होता है जो निश्चित तौर से आग की तेज लपटों के बीच बड़ा जोख़िम पूर्ण कार्य है l
स्थानीय ग्रामीण वन अधिकार समिति के अध्यक्ष उत्तम सिंह कश्यप ने बताया कि पिछले तीन दिनों से टुटू वन परिक्षेत्र के रेंज ऑफिसर ओम प्रकाश शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम आग बुझाने का चुनौतीपूर्ण कार्य अपनी जान जोख़िम में डाल कर कर रही है l परन्तु जगह जगह आग लगी होने के कारण और उपयुक्त स्टाफ न होने के कारण उनके लिए बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है l
ग्रामीण वन अधिकार समिति के अध्यक्ष उत्तम कश्यप का कहना है कि आग लगने के मामलों में एफ. आई. आर दर्ज कर अन्य अपराधों की तरह पुलिस को छानबीन करके आग लगाने वाले दोषियों का पता लगा कर उनके विरुद्ध सख़्त करनी चाहिए l उन्होंने कहा के पहाडी क्षत्रों में अधिकतम तापमान तीस डिग्री होता है और इतने में स्वायतः आग नहीं लगती l उन्होंने सरकार से इस दिशा में सार्थक नीति बनाने का अनुरोध किया क्योंकि ज्यादातर मामलों में शरारती तत्त्वों द्वारा या बीड़ी सिगरेट पिने वालोँ की लापरवाही से जंगलों में आग लगती है । वहीं पिछले 2 दिनों से  शिमला ग्रामीण के ढाणी पंचायत व ग्राम पंचायत के जंगलों में आग लगने से जंगल की वन संपदा व स्थानीय निवासियोंं की घासणियों में भी आग लग गई  जिससे घास पूरी तरह खत्म हो गया।

 

Leave a Reply