केंद्रीय अंतर मंत्रालय टीम ने  खंड विकास अधिकारी कार्यालय तीसा में आयोजित बैठक

हिमाचल
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चंबा 12 जून
 केंद्रीय अंतर मंत्रालय टीम ने  खंड विकास अधिकारी कार्यालय तीसा में आयोजित बैठक में जिला चंबा में शरद ऋतु के दौरान प्राकृतिक आपदा के कारण हुए नुकसान का जायजा लिया। केंद्रीय टीम में संयुक्त सचिव गृह मंत्रालय  के बी सिंह, निदेशक जल संसाधन मंत्रालय डॉ ओपी गुप्ता, अधिकारी केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय  ओपी सुमन और क्षेत्रीय अधिकारी सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय श्री विपनेश शर्मा शामिल थे। बैठक में उपायुक्त चंबा श्री विवेक भाटिया और पुलिस अधीक्षक चंबा डॉ मोनिका भी उपस्थित थे ।इस अवसर पर टीम के सदस्यों ने जिला अधिकारियों से चंबा जिला में शरद ऋतु के दौरान प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के बारे में विभिन्न जानकारियां प्राप्त की ।उपायुक्त  विवेक भाटिया ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से  नुकसान के बारे में अवगत करवाया। उन्होंने आपदा के बाद जनजीवन को सामान्य बनाने के लिए प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर चलाए गए अभियान की जानकारी भी प्रदान की ।
 विवेक भाटिया ने बताया कि 1 नवंबर 2018 से 15 मार्च 2019 तक शरद ऋतु के दौरान प्राकृतिक आपदा से चंबा जिला में 34 पक्के घरों और 66 कच्चे घरों को भारी नुकसान हुआ ।90 कच्चे घरों  और 566 कच्चे घरों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ ।आपदा के दौरान 211 गौशालाओं को भी नुकसान हुआ ।उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान जिला चंबा में लगभग 214 करोड रुपए के नुकसान का आकलन किया गया है।लोक निर्माण विभाग के तहत लगभग 125 करोड रूपए का नुकसान, एनएच को 50 करोड रुपए, कृषि विभाग को 2. 21 करोड रुपए, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को 8.04 करोड़ रुपये,  वन विभाग को 1.61 करोड रुपए, बागवानी विभाग को 10.65 करोड़ रुपए, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत परिषद लिमिटेड का 13 करोड रुपए, शिक्षा विभाग को 1.09 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। इस अवसर पर छायाचित्र प्रदर्शनी व प्रस्तुतीकरण के माध्यम से भी शरद ऋतु के दौरान जिला चंबा में हुए नुकसान के बारे में जानकारी प्रदान की गई।

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