जिलाधीश शिमला के आदेश पर आज शिमला के सभी स्कूल बंद लेकिन अध्यापकों को मिली सजा

हिमाचल
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शिमला 15.619 

 हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने कहां है कि शिमला में सैलानियों की बढ़ती तादाद को देखते हुए और ट्रैफिक जाम की स्थिति को देखते हुए शिमला शहर की सभी सरकारी प्राइवेट और गवर्नमेंट स्कूलों को 15 तारीख और 22 तारीख का अवकाश घोषित किया है जिससे इन दोनों दिन यह स्कूल पूर्णतया बंद रहेंगे लेकिन उसके उपरांत देखने में यह आया कि जिलाधीश शिमला के आदेश के बावजूद शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्य के द्वारा शिक्षकों को घरों से स्कूल बुलाया गया और व्हाट्सअप के माध्यम से लिखा गया कि उपशिक्षा निदेशालय के आदेश है कि शिक्षकों को कोई छुट्टी नही है जबकि इस तरह की कोई भी अधिसूचना लिखित में जारी नही की गई है और इस तरह शिक्षको पर  एक तरह का मानसिक दबाव बनाया गया कि अगर आप स्कूल नहीं आएंगे तो आपकी अब्सेंट की जाएगी। बड़ी हैरानी की बात है की जिलाधीश के आदेश के बावजूद जब स्कूलो में छुट्टियां घोषित कर दी गई है और बच्चे घरों में है तो उस स्थिति में शिक्षकों का स्कूल में आना कहां तक उचित है और बेकार बैठकर किस तरह से वह अपना योगदान दे सकते हैं। चौहान ने कहा  कि इस तरह के मानसिक उत्पीड़न आए दिन शिक्षकों के साथ हमारे हेड्स के द्वारा किये जाते है जिसका हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ पुरजोर विरोध करता है और उसकी निंदा करता है और यह मांग करता है कि जिलाधीश के आदेश की अवहेलना जिस किसी ने भी की है उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए क्योंकि जिलाधीश का यह विशेष अधिकार होता है कि वह किसी भी तरह की स्थिति को देखते हुए किसी भी तरह के आदेश पारित कर सकते हैं अगर यह छुट्टियां बच्चों के लिए की गई है तो निश्चित रूप से यह छुट्टियां शिक्षकों के लिए  भी होगी ।।हमारा मानना है कि इस तरह के आदेश भविष्य में शिक्षा विभाग ना करें जिससे शिक्षकों के ऊपर एक मानसिक दबाव बनाने की कोशिश विभाग द्वारा की जाती रही है ।इसके खिलाफ   संघ शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव को पत्र के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज भी करेगा।

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