देवभूमि शब्द तभी सार्थक होगा जब युवाओं को नशे से दूर किया जाएगा

धर्म हिमाचल
Spread the love

भूमा पीठााधीश्वर स्वामी श्री अच्युतानंद तीर्थ जी महाराज ने प्रदेश के
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है प्रदेश के शक्तिपीठों, शिक्षण
संस्थानों से एक किलोमीटर के दायरे में शराब पर प्रर्ण प्रतिबंध लगाने की
मांग उठाई है। देवभूमि शब्द तभी सार्थक होगा जब युवाओं को नशे से दूर
किया जाएगा। इसके लिए हर तरह के नशे पर सख्ती के साथ 25 वष्र तक युवाओं
को शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। जिससे प्रदेश के युवा
बेहतर समाज की संरचना कर सकें। ये बात स्वामी श्री अच्युतांनद तीर्थ जी
महाराज ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा
कि नशा विरोधी अभियान अखंड भारत नशामुक्त भारत शुरू कर दिया है।
संस्था की ओर से आगामी दो अक्तूबर से ठियोग के छैला में श्रीमद भागवत
सप्ताह ज्ञान यज्ञ शुरू किया जा रहा है। इसमें लोगों को नशे के भयानक
दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में
नशामुक्त भारत कार्यक्रम करवाया जाना है इसमें बच्चों को नशे की लत से
अवगत करवाया जाएगा और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई जाएगी। राष्ट्रीय
स्तर पर नशे को जड़ से खत्म करने के लिए मुहीम चलाई जा रही है

शंकराचार्य टीला हो सन्यासियों के हवाले
धार्मिक गुरू अच्युतानंद तीर्थ ने केंद्र सरकार से जम्मू कश्मीर स्थित
शंकराचार्य टीले को धार्मिक साधु संतों के हवाले करने का आग्रह किया।
जिससे कश्मीरी पंडितों को वहां पर बसाने की प्रकि्रया को किया जा सके और
सही तरीके से संचालित किया जा सके। कश्मीरी पंडितों के धर्म परिवर्तन
करने की पूर्व में चेष्टा की थी लेकिन आदि गुरू शंकराचार्य ने यह
परिवर्तन होने से रोका और यहां से शखंनाद किया जिससे इसे शंकराचार्य अीला
कहा जाता है। पीओके भारत का है और अखंड भारत का हिस्सा रहा है।भूमा पीठााधीश्वर स्वामी श्री अच्युतानंद तीर्थ जी महाराज ने प्रदेश के
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मांग की है प्रदेश के शक्तिपीठों, शिक्षण
संस्थानों से एक किलोमीटर के दायरे में शराब पर प्रर्ण प्रतिबंध लगाने की
मांग उठाई है। देवभूमि शब्द तभी सार्थक होगा जब युवाओं को नशे से दूर
किया जाएगा। इसके लिए हर तरह के नशे पर सख्ती के साथ 25 वष्र तक युवाओं
को शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। जिससे प्रदेश के युवा
बेहतर समाज की संरचना कर सकें। ये बात स्वामी श्री अच्युतांनद तीर्थ जी
महाराज ने शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा
कि नशा विरोधी अभियान अखंड भारत नशामुक्त भारत शुरू कर दिया है।
संस्था की ओर से आगामी दो अक्तूबर से ठियोग के छैला में श्रीमद भागवत
सप्ताह ज्ञान यज्ञ शुरू किया जा रहा है। इसमें लोगों को नशे के भयानक
दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा स्कूलों में
नशामुक्त भारत कार्यक्रम करवाया जाना है इसमें बच्चों को नशे की लत से
अवगत करवाया जाएगा और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई जाएगी। राष्ट्रीय
स्तर पर नशे को जड़ से खत्म करने के लिए मुहीम चलाई जा रही है
शंकराचार्य टीला हो सन्यासियों के हवाले
धार्मिक गुरू अच्युतानंद तीर्थ ने केंद्र सरकार से जम्मू कश्मीर स्थित
शंकराचार्य टीले को धार्मिक साधु संतों के हवाले करने का आग्रह किया।
जिससे कश्मीरी पंडितों को वहां पर बसाने की प्रकि्रया को किया जा सके और
सही तरीके से संचालित किया जा सके। कश्मीरी पंडितों के धर्म परिवर्तन
करने की पूर्व में चेष्टा की थी लेकिन आदि गुरू शंकराचार्य ने यह
परिवर्तन होने से रोका और यहां से शखंनाद किया जिससे इसे शंकराचार्य अीला
कहा जाता है। पीओके भारत का है और अखंड भारत का हिस्सा रहा है।

Leave a Reply