हिमाचल
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शमलाः 19 नवम्बर 2018, हिमाचल प्रदेश असंगठित कामगार कांग्रेस के अध्यक्ष सुरेन्द्र चौहान और उपाध्यक्ष अतुल कड़ोहता ने नैंशनल कैंसिल कामगार संगठन का एक वर्ष पूर्ण होने पर दिल्ली में गत दिनों 17 नवम्बर की बैठक में भाग लिया जिसमें उन्होंने अपने संगठन की गतिविधियों और लोकसभा चुनाव में असंगठित कामगार संगठन की तरफ से विभिन्न मांगो को लेकर कांग्रेस के घोषणा पत्र में ड़ाला जाए।
सेब पर आयात शुल्क बढ़ाने की बात की, जिसमें मोदी जी ने 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान सोलन की रैली में घोषणा की थी कि जो कि जूमला ही साबित हुआ है। मैनिफेस्टो कमेंटी इस मुददे को घोषणा पत्र में ड़ाला जाए।
हिमाचल में ड़बल कैविन वहीकल यूटीलिटी, पिक्प को एग्रीकल्चर वहीकल घोषित किया जाए जिससे किसान व बागवानों को लाभ मिले। जैसा कि पंजाब और हरियाण में ट्रैक्टर को सबसिड़ी दी जाती है।
स्ट्रीट वैन्डरस जैसे रेड़ी-फड़ी वाले जो सड़कों पर बैठतें है उन के लिए पौलिसी बनाई जाए।
हिमाचल प्रदेश में आंगनवाड़ी व आशा वर्कर के वेतनमानों में बढ़ौतरी

की जाए पूर्व में यूपीए सरकार के समय में इनके वेतनमानों में बढ़ौतरी की गई थी।
हिमाचल प्रदेश बंन्दरों का आतंक है जिससे किसानों की खेती को

भारी नुकसान हो रहा है। किसान बन्दरों के आतंक से अपने खेतों की बुआई नही कर पा रहे हैं। शिमला शहर में बन्दरों का आतंक है इसके लिउ सरकार को पॉलिसी बनानी चाहिए।
सुरेन्द्र चौहान ने मांग की है कि असंगठित कामगार संगठन की मांगो को मैनिफेस्टो कमेटी ये उपरोक्त मांगे घोषणा पत्र में ड़ाली जाएं। जिससे कि किसान, बागवान, आंगनवाड़ी, आशा वर्कर और रेड़ी-फड़ी वालों को लाभ मिलें।

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