हिमालय ने लॉन्च किया क्विस्टाकिड्ज़

शिमला, 13,नवंबर, 2019, हिमालया ड्रगकंपनी ने 3 साल से 10साल के बच्चों के लिएनिर्मित स्वादिष्ट एवं न्यूट्रिशनसे भरपूर सप्लीमेंट क्विस्टाकिड्ज़ के लान्च की घोषणाकी। यह बच्चों की वृद्धि मेंमदद करता है, रोगों से लड़नेके लिए उनकी रोगप्रतिरोधक शक्ति को मजबूतबनाता है तथा उनकी स्मरणशक्ति का विकास करता है।इसमें 100 प्रतिशत मिल्कप्रोटीन, मिनरल्स एवंविटामिंस हैं। क्विस्टा किड्ज़एक अद्वितीय मिश्रण है, जोवैज्ञानिक शोध एवं जाँचेपरखे गए पारंपरिक तत्वों केफायदों से युक्त है।

हिमालया ड्रग कंपनी केसीईओ, फिलिप हेडन नेकहा, ‘‘आज हर्बल तत्वों कोबहुत अच्छी तरह से स्वीकारकिया जाता है। लोग अपनेदैनिक आहार एवंजीवनशैली में हर्बल तत्वोंको शामिल करने का महत्वसमझने लगे हैं। हिमालयापर हम ऐसे समाधान प्रस्तुतकरते हैं, जो वैज्ञानिक शोध जड़ी बूटियों के गुणों सेयुक्त हों। क्विस्टा किड्ज़ इनदोनों के फायदे प्रदान करताहै तथा बढ़ते हुए बच्चों कीन्यूट्रिशन की जरूरतों कोपूरा करता है।’’

क्विस्टा किड्ज़ बच्चों मेंहिडन हंगर का निवारणकरने के लिए एक उत्तमन्यूट्रिशन पार्टनर है। इसफार्मुलेशन में 100 प्रतिशतमिल्क प्रोटीन है, जो वृद्धि मेंमदद करता है; अदरक,पाचन शक्ति बढ़ाती है;इनुलिन प्रिबायोटिक फाईबरहै और आंतों के स्वास्थ्य मेंसुधार करता है। इसमेंकोलोस्ट्रम, तुलसी, विटामिन, विटामिन सी एवंविटामिन हैं, जोस्मरणशक्ति मजबूत करते हैं;फोलिक एसिड, विटामिनबी12, आयरन, आयोडीनतथा बादाम एवं मंडुकपर्णीस्मरणशक्ति बढ़ाने में मददकरते हैं। क्विस्टा किड्ज़ मेंहब्र्स के साथ मैक्रो एवंमाईक्रो न्यूट्रिएंट्स का सहीमिश्रण है। यह संतुलितन्यूट्रिशन एवं बच्चों के संपूर्णविकास के लिए एक उत्तमसप्लीमेंट है।

कांग्रेस महासचिव अजय महाजन व केवल सिंह पठानिया ने राज्यपाल को सोंपा ज्ञापन

शिमला,13 नवंबर. 2019

प्रदेश कांग्रेस ने पठानकोट मंडी फोरलेन के निर्माण में हो रही देरी पर रोष प्रकट करते हुए आज इसकी शिकायत स्वरूप एक ज्ञापन कांग्रेस महासचिव अजय महाजन व केवल सिंह पठानिया ने राज्यपाल को सोंपा।उनका कहना है कि इस फोरलेन का भूमि अधिग्रहण 3 डी के तहत बर्ष 2016 में किया तो गया,पर इसका निर्माण कार्य आज दिन तक शुरू नही हुआ।कांगड़ा के पूर्व सांसद शांता कुमार ने 18 मार्च2016 को और फिर मंडी के बर्तमान सांसद रामस्वरूप शर्मा ने भी इस क्षेत्र के लोगों को विश्वास दिलाया था कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा,पर यह सब झूठ साबित हुई।

कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में कहा है कि इसके निर्माण कार्य को लेकर वहां के दो यूबक राजेश शर्मा पिछले16 दिनों से और अशोक पठानिया 9 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे है,पर न तो प्रशासन ही ओर न ही सरकार इस मामले में गंभीर लगती है।उनका कहना है कि फोरलेन से प्रभावित लोग एक तरफ जहां इन हड़ताली यूबको के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं वही सरकार की बेरुखी से भी आहत है।इस फोरलेन का शिलान्यास नितिन गटकरी ने फरबरी 2019 में शाहपुर में शिलान्यास भी किया था और बजट में 15 00 करोड़ की राशि भी आवंटित की थी,वह पैसा कहा गया इसकी भी जांच की मांग की गई है।

कांग्रेस नेताओं ने सरकार से स्पष्ट तौर पर जानना चाहा है कि यह परियोजना पर कार्य कब शुरू होगा,और अगर यह बंद कर दी गई है तो उन लोगों को जिन की जमीन अधिग्रहण किया गया है उनका मुआवजा 12प्रतिशत ब्याज के साथ दिया जाए।

प्रकाश जावड़ेकर ने भारी उद्योग और लोक उद्यम मंत्रालय का पदभार संभाला

13 NOV 2019

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प्रकाश जावड़ेकर ने भारी उद्योग और लोक उद्यम मंत्रालय का पदभार संभाला केन्द्रीय

सूचना और प्रसारण तथा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज भारी उद्योग और लोक उद्यम मंत्रालय का अतिरिक्त पदभार संभाला।

इस अवसर पर भारी उद्योग विभाग के सचिव आशा राम सिहाग तथा लोक उद्यम विभाग के सचिव शैलेष सहित दोनों विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने जावड़ेकर का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री ने टी.एन. शेषन के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया

11 NOV 2019

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने टी.एन. शेषन के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा, टी. एन. शेषन एक उत्कृष्ट सिविल सेवक थे। उन्होंने अत्यंत परिश्रम और निष्ठा के साथ भारत की सेवा की। चुनावी सुधारों के प्रति उनके प्रयासों ने हमारे लोकतंत्र को मजबूत और अधिक भागीदारी वाला बनाया है। उनके निधन से पीड़ा हुई। ओम शांति।”

भारत को ज्ञान एवं नवाचार का एक वैश्विक केन्द्र बनाने के लिए शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव लाएं : उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘भारत को एक बार फिर विश्वगुरु बनना चाहिए’
उपराष्ट्रपति ने आरक्षण के जरिये महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की आवश्यकता पर बल दिया

श्री वैंकेया नायडू ने अपनी मातृभाषा में स्कूली शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देने का आह्वान किया

उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को साझा एवं देखभाल करने संबंधी भारत के सदियों पुराने दर्शन का पालन करने की सलाह दी

उपराष्ट्रपति ने जेएनयू के तीसरे वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित किया


प्रविष्टि तिथि: 11 NOV 2019 2:26PM by PIB Delhi

उपराष्ट्रपति श्री एम. वैकेंया नायडू ने भारत को ज्ञान एवं नवाचार का एक अग्रणी केन्द्र बनाने के लिए शिक्षण से लेकर अनुसंधान तक की समूची शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव लाने का आह्वान किया।

श्री नायडू ने नई दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के तीसरे वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए इस ओर ध्यान दिलाया कि भारत को एक समय विश्वगुरु माना जाता था। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत एक बार फिर शिक्षण के वैश्विक केन्द्र के रूप में उभर कर सामने आए।

श्री नायडू ने विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों से शिक्षा की अपनी विधियों में पूरी तरह से बदलाव लाने का आग्रह करते हुए यह इच्छा जताई कि जेएनयू के साथ-साथ भारत के अन्य विश्वविद्यालयों को भी स्वयं को शीर्ष रैंकिंग वाले वैश्विक संस्थानों में शुमार करने के लिए अथक प्रयास करने चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सभ्यता ने सदैव शिक्षा के समग्र एकीकृत विजन पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने जेएनयू जैसे विश्वविद्यालयों से देश की ताकत एवं कौशल स्तर को बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि सर्वांगीण उत्कृष्टता और वैश्विक एजेंडे की अगुवाई करने की क्षमता हमारा लक्ष्य होना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने देश के उच्च शिक्षण संस्थानों से विश्व के सर्वोत्तम संस्थानों से सीखने और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा, एक सभ्यता के रूप में हम सबसे ग्रहणशील समाजों में से एक हैं जिसने विश्व भर के अच्छे विचारों का स्वागत किया है।

श्री नायडू ने यह बात रेखांकित की कि भारत विकास के अनूठे पथ पर अग्रसर है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस प्रयास में योगदान करने के लिए विद्यार्थियों के पास अनंत अवसर हैं।

देश की विशाल अप्रयुक्त युवा आबादी का उल्लेख करते हुए श्री नायडू ने कहा कि देश की आबादी में दो तिहाई युवा ही हैं, इसलिए गुणवत्तापूर्ण कौशल विकास और उच्च शिक्षण सुविधाओं तक उनकी पहुंच निश्चित तौर पर होनी चाहिए।

श्री नायडू ने विद्यार्थियों को यह स्मरण कराया कि वे महान संस्कृति और एक बहुलवादी एवं समग्र वैश्विक दृष्टिकोण के उत्तराधिकारी हैं। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को इस विरासत के उत्कृष्ट पहलुओं की अच्छी समझ विकसित करने और उनका संरक्षण तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने की सलाह दी। श्री नायडू ने कहा, आपको अपने आस-पास रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए अपने ज्ञान एवं विवेक का उपयोग करने के लिए अवश्य ही निरंतर प्रयास करने चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने शिक्षा में व्यापक बदलाव लाने की अंतर्निहित क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह सीखने वाले व्यक्ति में उल्लेखनीय बदलाव लाती है और सभी की भलाई के लिए ज्ञान का उपयोग करने की उत्कृष्ट क्षमता प्रदान करती है। उपराष्ट्रपति ने कहा, मैं अपने निवर्तमान स्नातकों को साझा करने एवं देखभाल करने संबंधी भारत के प्रमुख दर्शन को अपनाने की सलाह देता हूं।

उपराष्ट्रपति ने शिक्षा के जरिये महिलाओं के सशक्तिकरण की विशिष्ट अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि महिलाएं पीछे रह गईं तो कोई भी राष्ट्र प्रगति नहीं कर सकता है। उन्होंने संसद एवं राज्य विधानसभाओं में आरक्षण सुनिश्चित कर महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की भी वकालत की।

श्री नायडू ने महिलाओं के साथ-साथ हाशिये पर पड़े विद्यार्थियों के लिए विशेष दाखिला नीति अपनाने के लिए जेएनयू की सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने 10वीं कक्षा तक की शिक्षा बच्चों की मातृभाषा में देने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया। उपराष्ट्रपति ने कहा, हमें अपनी मातृभाषा में अपनी आरंभिक स्कूली शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देना चाहिए।

केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशंक, जेएनयू के कुलाधिपति एवं नीति आयोग के सदस्य श्री विजय कुमार सारस्वत और जेएनयू के कुलपति प्रो. जगदीश कुमार के अलावा भी कई अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।