बिलासपुर जिला में रोजगार के ज्यादा से ज्यादा अवसर सृजित करने के मकसद से एक बहुत बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए कवायद शुरू कर दी गई है। इस संदर्भ में सभी चारों उपमंडलाधिकारियों के साथ बैठक कर जल्द से जल्द 500 से 1000 बीघा जमीन चिहिंत करने के लिए निर्देश जारी किए हैं। खास बात यह है कि इंडस्ट्रियल एरिया कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन और भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी ब्रॉडगेज रेलवे लाइन के आसपास विकसित किया जाएगा। उपयुक्त साइट सेलेक्शन के बाद आगे की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह इनिशिएटिव नए उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने लिया है। उनका दावा है कि अगले एक साल में परिणाम सामने दिखेंगे। उन्होंने बताया कि जमीन चयन कर सरकार से नोटिफाई करवाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिला के हर उपमंडल में नया इंडस्ट्रियल एरिया तैयार किया जाएगा। जो इंडस्ट्रियल एरिया पहले से चिन्हित किए जा चुके हैं, उन्हें रफ्तार दी जाएगी। नए इंडस्ट्रियल एरिया विकसित होने से उन्होंने बताया कि सभी एसडीएम के साथ के साथ बैठक की गई है। एसडीएम ने कई उपयुक्त साइट्स उपलब्ध होने के बारे में अवगत करवाया है। इस पर अगले हफ्ते साइट विजिट किया जाएगा। इंडस्ट्रियल एरिया के लिए देश के नामी गिरामी उद्योग घरानों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। बता दें कि नयनादेवी में ग्वालथाई व बिलासपुर शहर के समीप ही औद्योगिक क्षेत्र हैं, लेकिन नयनादेवी के नंदबैहल, झंडूता के बरसंड और घुमारवीं के जाहड़ी चैहड़ी में भी औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने की कवायद शुरू हुई है।
ग्वालथाई के पास है 750 बीघा जमीन
उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक के अनुसार नयनादेवी हलके में पंजाब राज्य से सटी सीमा पर स्थापित ग्वालथाई औद्योगिक क्षेत्र के समीप ही 750 बीघा जमीन उपलब्ध है। यह एरिया नंगल से बेहद करीब है। इस संदर्भ में उद्योग महाप्रबंधक साक्षी सत्ती से बातचीत हुई है। अगले हफ्ते चिन्हित जमीन की ज्वाइंट इंस्पेक्शन की जाएगी। यदि एरिया उपयुक्त होगा तो इंडस्ट्रियल एरिया तैयार करने के लिए प्रक्रिया शुरू की जाएगी।