चेन्नई और गुजरात का फाइनल में रिकॉर्ड
चेन्नई की टीम रिकॉर्ड 10वीं बार फाइनल मैच में खेलेगी। वह अब तक चार बार चैंपियन बनी है। पांच फाइनल में उसे हार का सामना करना पड़ा है। पिछले तीन फाइनल मुकाबलों की बात करें तो चेन्नई दो बार (2018, 2021) जीतने में कामयाब हुई। वहीं, एक बार (2019) उसे हार का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर, गुजरात का यह दूसरा ही फाइनल है। वह पिछली बार चैंपियन बनी थी। एक तरफ चार बार आईपीएल जीतने वाले दिग्गज कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हैं तो दूसरी ओर, उनके नक्शेकदम पर चलने वाले युवा कप्तान हार्दिक पांड्या हैं। दोनों खिलाड़ियों के बीच अहमदाबाद में एक लाख से अधिक दर्शकों के सामने रोचक मुकाबले की उम्मीद है।
हार्दिक क्रिकेट के अलावा निजी जीवन में धोनी को अपना गुरु मानते हैं। वह धोनी को अपना बड़ा भाई बताने से कभी नहीं चूकते। हार्दिक का मानना है कि उनके अंदर कप्तानी के गुणों को धोनी ने ही निखारा है। वह धोनी को देखकर ही कप्तानी सीखते हैं। हार्दिक ने इसे पिछले साल आईपीएल में साबित भी किया।
अहम मौकों पर धैर्य दिखाकर उन्होंने गुजरात टाइटंस को उसके पहले ही सीजन में चैंपियन बना दिया। इस बार हार्दिक के लिए चुनौती काफी बड़ी है। उन्हें अपने होमग्राउंड पर एक लाख दर्शकों के सामने अपने गुरु धोनी को हराना होगा। अगर वह ऐसा कर देते हैं तो फ्रेंचाइजी क्रिकेट के साथ-साथ भारतीय क्रिकेट में उनकी कप्तानी लंबे समय तक देखी जा सकती है। वह यह साबित कर देंगे कि पिछले साल कोई तुक्का नहीं लगा था।
धोनी के पास रोहित की बराबरी का मौका
धोनी की बात करें तो उन्हें किसी के सामने कुछ भी साबित नहीं करना है। वह क्रिकेट के महानतम कप्तानों में एक माने जाते हैं। धोनी अपने करियर के अंतिम पड़ाव में है। ऐसा माना जा रहा है कि यह उनका आखिरी सीजन है।
वह अपने अंतिम आईपीएल सीजन में ट्रॉफी के साथ विदा होना चाहेंगे। धोनी अगर इस बार चेन्नई को चैंपियन बना देते हैं तो वह पांचवीं बार आईपीएल ट्रॉफी को उठा लेंगे। वह सबसे ज्यादा खिताब के मामले में रोहित शर्मा (मुंबई इंडियंस) की बराबरी कर लेंगे।
पांचवीं बार आमने-सामने होगी दोनों टीमें
चेन्नई और गुजरात के बीच आईपीएल में अब तक चार मैच खेले गए हैं। दोनों टीमों के बीच यह पांचवां मुकाबला होगा। गुजरात ने चार में से तीन मैच अपने नाम किए हैं।
वहीं, चेन्नई को एक बार जीत मिली है। पिछले साल हार्दिक पांड्या की टीम ने दो मुकाबलों में चेन्नई को हराया था। इस बार उद्घाटन मैच में हार्दिक ने बाजी मारी थी। धोनी ने इस हार का बदला क्वालिफायर-1 में ले लिया था। चेन्नई ने गुजरात को हराकर फाइनल में जगह बनाई।
जहां शुरू वहां खत्म
इस आईपीएल की शुरुआत नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ही 31 मार्च को हुई थी। तब गुजरात और चेन्नई की टीमें ही आमने-सामने हुई थीं। अब इसी मैदान पर उन्हीं दो टीमों के बीच आईपीएल का समापन मुकाबला खेला जाएगा। ऐसा इस साल पाकिस्तान में भी हुआ है।
पाकिस्तान प्रीमियर लीग में मुल्तान सुल्तान्स और लाहौर कलंदर्स के बीच पहला मैच खेला गया था। तब लाहौर को जीत मिली थी। इसके बाद दोनों टीमें फाइनल में भी आमने-सामने हुई थीं।
लाहौर ने एक बार फिर से मुल्तान को हराया। हालांकि, ये दोनों मैच आईपीएल की तरह एक मैदान पर नहीं हुए। पीएसएल का पहला मैच मुल्तान और फाइनल मैच लाहौर में हुआ था।