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अपनी ज़रूरतों में आप प्रभु की जरूरत को सम्मिलित कर दो।

निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से शिमला के संजौली ग्राउंड में जोनल लेवल समागम का आयोजन किया गया जिसमें आदरणीय श्री एच. एस. चावला जी, मेंबर इंचार्ज ब्राचं (संत निरंकारी मंडल) ने कहा कि सन्त निरंकारी मिशन एक आध्यात्मिक विचारधारा है जो मानव को मानव से जोड़ती है।

यह विभिन्न विचारधाराओं में आस्था रखने वाले सभी लोगों का सम्मान करता है। यह युगों-युगों से स्थापित इस सत्य में विश्वास रखता है कि साकार सत्गुरू के माध्यम द्वारा ही परमपिता परमात्मा की जानकारी प्राप्त हो सकती है और इसी सच्चाई से अवगत होना मानव जीवन का परम लक्ष्य भी है। ईश्वर प्राप्ति के द्वारा ही वैश्विक भाईचारे की स्थापना संभव है तथा सम्पूर्ण मानव जाति के कल्याण व विश्वव्यापी शान्ति और समृद्धि के लिए यह अत्यन्त आवश्यक भी है।

उन्होंने आगे कहा कि संत निरंकारी मिशन निरंकार प्रभु की जानकारी करवाकर मानवता का पाठ पढ़ा रहा है। संसार में रहने वाले सभी मनुष्य एक परमपिता की संतान हैं जब हम सभी को इसकी जानकारी प्राप्त हो जाती है फिर हर मनुष्य से प्रेम हो जाता है। सन्तों का जीवन और कर्म ही उनकी वास्तविक पहचान होती हैं। वह कभी किसी का हृदय नहीं दुखाते। वह सभी के साथ प्रेम से रहते है। इसलिए यह आवश्यकता है कि हम केवल मानवता के पथ पर अग्रसर रहे क्योंकि यही वह मार्ग है जो आपस में हम सभी को एक-दूसरे से जोड़ता है।

इस अवसर पर शिमला ज़ोन के जोनल इंचार्ज आदरणीय एनपीएस भुल्लर जी, ने आसपास की ब्रांचों से आए संजोयक, मुखी, साध संगत का हृदय से आभार व्यक्त किया।।
इस अवसर किन्नौर, मोरंग, रामपुर, रोहड़ू , जुब्बल, ठियोग आदि जगहों से से आए महात्माओं ने हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी, पहाड़ी भाषाओं का सहारा लेते हुए गीतों और विचारों के माध्यम से सतगुरु के उपदेशों को जीवन में अपनाने की सुंदर व्याख्या की गई।

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