शिमला। राजधानी शिमला के देवनगर/विकासनगर क्षेत्र में चोरी की बढ़ती घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामले में नीलम कंवर के घर में 7 अप्रैल की रात, भारी बारिश के दौरान चोरी की वारदात सामने आई है। बताया जा रहा है कि चोरों ने बेसमेंट में स्थित उस फ्लैट को निशाना बनाया, जो पार्किंग एरिया के नीचे बना हुआ है और फिलहाल खाली था। परिजनों के अनुसार यह फ्लैट बिक्री के लिए रखा गया था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने इसे आसान निशाना समझकर वारदात को अंजाम दिया।
परिवार के अनुसार, चोरों ने रसोई की खिड़की तोड़कर घर में प्रवेश किया और इसके बाद वॉशरूम व कमरों में रखे सामान को खंगालते हुए चोरी की। हैरानी की बात यह है कि करीब एक साल पहले भी इसी फ्लैट में इसी तरह की चोरी हो चुकी थी। इस बार परिवार ने मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी है और पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच भी कर चुकी है।
घटना का पता उस समय चला जब घर की पानी की टंकी खाली हो गई और बेसमेंट का फर्श पानी से भर गया। परिवार के सदस्य जब नीचे वाले फ्लैट में पहुंचे और चाबी से दरवाजा खोलने की कोशिश की, तो दरवाजा नहीं खुला क्योंकि वह अंदर से बंद था। बाद में काफी मशक्कत के बाद दूसरे रास्ते से दरवाजा खोला गया, जहां अंदर का नजारा देख परिवार के होश उड़ गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पिछले कुछ समय से चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना और गहरी हो गई है। पुलिस की प्रारंभिक आशंका है कि इन वारदातों के पीछे नशे या चिट्टे से जुड़े तत्वों का हाथ हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों ने इस घटना के माध्यम से प्रशासन, सरकार और पुलिस का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा है कि देवनगर और विकासनगर जैसे इलाके अब पहले जैसे सुरक्षित नहीं रह गए हैं। लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाई जाए, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जाए और चोरी की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा फिर से कायम हो सके।