शिमला: हिमाचल में पंचायतों की बैठकों में फैसलों का लटकना बीते समय की बात बनने जा रहा है। प्रदेश में लोकतंत्र की जमीनी इकाइयों को और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (संशोधन) अधिनियम 2026 को लागू कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद जारी अधिसूचना ने ग्राम सभाओं की संरचना को स्पष्ट कर लंबे समय से चली आ रही कोरम की समस्या का भी व्यावहारिक समाधान निकाला है। अब तक ग्राम सभा की बैठकों में पर्याप्त उपस्थिति न होने के कारण विकास कार्य अक्सर अटक जाते थे, लेकिन नए संशोधनों के बाद तस्वीर बदलती नजर आएगी।
पहली बार ग्राम सभा सदस्य की स्पष्ट परिभाषा तय करते हुए 18 वर्ष से अधिक आयु के उन सभी व्यक्तियों को सदस्य माना गया है, जिनका नाम संबंधित पंचायत की मतदाता सूची या परिवार रजिस्टर में दर्ज है। वहीं सबसे बड़ा परिवर्तन कोरम नियमों में किया गया है. अब ग्राम सभा की पहली बैठक में केवल एक-दसवां (1/10) सदस्य मौजूद होना पर्याप्त होगा, जो पहले एक-चौथाई (1/4) परिवार की तुलना में कहीं अधिक व्यवहारिक है. यदि इसके बावजूद कोरम पूरा नहीं होता, तो अगली बैठक में एक-बीसवां (1/20) या कम से कम 30 सदस्य जो भी अधिक हो की उपस्थिति में ग्राम सभा का कोरम पूरा माना जाएगा। इस सरल व्यवस्था से पंचायत स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।
अब ये नहीं लड़ पाएंगे पंचायत चुनाव
सिर्फ ग्राम सभा ही नहीं, जिला परिषद की बैठकों को भी अधिक प्रभावी बनाने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है. अब सामान्य बैठकों के लिए कोरम एक-तिहाई (1/3) कर दिया गया है, वहीं विशेष बैठकों के लिए इसे दो-तिहाई (2/3) से घटाकर आधा (1/2) किया गया है. इससे प्रशासनिक फैसलों में तेजी आएगी और विकास योजनाओं को गति मिलेगी. सख्ती के मोर्चे पर भी सरकार पीछे नहीं रही है. इसके लिए धारा 122 को भी प्रतिस्थापन किया है. जिसके मुताबिक ऐसा व्यक्ति जिस पर कोर्ट में केस चल रहा हो और चार्जेज फ्रेम हो चुके हों खासकर NDPS (ड्रग्स केस) में पंचायत का चुनाव नहीं लड़ सकता है. यानी नियमों में संशोधन कर अपराधियों पर सख्ती दिखाई गई है।
इसके अतिरिक्त विभाग ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज एक्ट की धारा 145 में भी संशोधन किया है. जिसमें अगर भारतीय न्याय संहिता 2023 के साथ-साथ NDPS Act, 1985 (नशे से जुड़ा कानून) Indian Forest Act, 1927 की कुछ धाराओं को शामिल किया गया है.