शिमला, 12 मई। राजधानी शिमला के शिमला ग्रामीण क्षेत्र भज्जी, सुन्नी, धामी, बाघल, अर्की, सुकेत तथा कहलूर रियासत बिलासपुर के आराध्य देव श्री देव कुर्गण महाराज के मूल स्थान मंढोडघाट में आयोजित ऐतिहासिक प्राण-प्रतिष्ठा महायज्ञ पूर्ण वैदिक विधि-विधानों एवं भव्य देव परंपराओं के साथ सम्पन्न हो गया।
सैंकड़ों वर्षों के बाद आयोजित इस दिव्य आयोजन ने सम्पूर्ण धामी-सुन्नी क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। देव संस्कृति, लोक आस्था और हिमाचली परंपराओं का ऐसा अद्भुत संगम देखने के लिए हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से मंढोडघाट पहुंचे।
महायज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत देवता श्री कुर्गण महाराज के लगभग 15 रथ-छत्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों से पधारे देवताओं ने पारंपरिक हिमाचलीदेव वाद्य यंत्रों, ढोल-नगाड़ों और रणसिंगों की गूंज के बीच भव्य देव नृत्य प्रस्तुत किया।
विशेष रूप से श्री हरसिंग महाराज के आगमन एवं पारंपरिक देव नृत्य ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक उल्लास से भर दिया। देव रथों की दिव्यता, पारंपरिक वेशभूषा, श्रद्धालुओं की जयकारों और देव वाद्यों की धुनों ने पूरे मंढोडघाट क्षेत्र में अद्वितीय रौनक स्थापित कर दी। इस ऐतिहासिक आयोजन में

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे उन्होंने देवता श्री गुरु महाराज के दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की तथा इस भव्य आयोजन के लिए देवता प्रबंधन समिति एवं स्थानीय जनता के प्रयासों की सराहना की।
