Spread the love

शिमला, 17 मई (ब्यूरो): सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के आशीर्वाद से संत निरंकारी सत्संग भवन शिमला में संयोजक स्तरीय बाल समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिमला संयोजक एरिया की विभिन्न ब्रांचों से बाल संगत के बच्चों द्वारा गीत, कविता, विचार, कव्वाली व भजनों की प्रस्तुतियों के माध्यम से निरंकारी मिशन के सिद्धांतों व  बहूमूल्य शिक्षाओं के बारे सुंदर संदेश प्रदान किया गया तथा सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के उपदेशों को जीवन में अपनाने का आह्वान भी किया गया। इस समागम में चौपाल, तातल ,ठियोग, सुन्नी और शिमला ब्रांच के बच्चों ने भाग लिया। इस अवसर पर हेमराज भारद्वाज संयोजक (शिमला) ने सत्संग की अध्यक्षता करते हुए अपने विचारों में  कहा कि निरंकारी श्रद्धालुओं के चेहरे पर सदैव खुशी व मुस्कान रहती है।निरंकारी मिशन में सतगुरु की शिक्षाओं के अनुरूप बच्चों में बचपन से ही प्यार, नम्रता, सदभावना, मानवता, भाईचारा वाले संस्कार भरे जा रहे हैं।  सतगुरु के प्रति विश्वास और ब्रह्म ज्ञान, मिलबर्तन, प्यार की भावना इत्यादि अपने मनों के पवित्र भाव बच्चों ने इस समागम में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और पहाड़ी भाषाओं का सहारा लेकर प्रकट किए ।  उन्होंने कहा कि सतगुरु के बिना इस प्रभु परमात्मा की अनुभूति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि बच्चों को सत्संग सेवा सुमिरन की प्रेरणा देनी है, जो बच्चे सत्संग में आ रहे हैं उनमें संतो वाले गुण अपने आप ही विकसित होते जा रहे हैं। माता-पिता को भी चाहिए कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से संगत में लेकर आए। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में कुल्लू में युवाओं के लिए आयोजित एन.वाई.एस. में भी हम सभी ने भाग लिया जिसमें  आज का युवा जिन चुनौती से गुजर रहा है उनसे निपटने के लिए आज सद्गुरु चाह रहे हैं कि हम अध्यात्म का सहारा लेकर अपना जीवन खुशहाल करें। उन्होंने समागम में कई प्रेरणादायक प्रसंग तथा शेख फरीद और प्रहलाद के जीवन के उदाहरणों के माध्यम से बताया कि प्रारंभ में बच्चों को छोटी-छोटी प्रेरणाओं से धर्म और भक्ति की ओर जोड़ा जा सकता है तथा आगे चलकर वही संस्कार उनके खुशहाल जीवन का आधार बन जाते हैं। इस अवसर पर अश्वनी वर्मा  (संचालक सेवादल)  द्वारा आई हुई समस्त साध संगत का अभिनंदन व स्वागत किया गया ।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *