Spread the love

नेपाल पुलिस ने अचानक आई बाढ़ के बाद मिले 95 शवों का ब्योरा जारी किया है.

पुलिस के मुताबिक़, इनमें रसुवा में 1, नुवाकोट में 11, धादिंग में 18, चितवन में 33, गोरखा में 16, तनहूं में 5 और नवलपुर में 11 शव मिले हैं.

पुलिस ने कहा कि वह जोखिम वाले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ बचाव और तलाशी अभियान चला रही है.

नेपाल के अधिकारियों से लगातार जानकारी मिल रही है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

साझा कीजिए, नेपाल में बाढ़: पुलिस ने बताया, चितवन ज़िले में सबसे अधिक मौतें
26 अगस्त 2026नेपाल में आपदा के बाद भारत ने 10 टन राहत सामग्री भेजी
नेपाल बाढ़इमेज स्रोत,Getty Images
इमेज कैप्शन,विदेश मंत्री जयशंकर ने राहत सामग्री की जानकारी दी है
भारत ने नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए दस टन की राहत सामग्री (ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिज़ास्टर रिलीफ़) भेजी है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बारे में विदेश मंत्री एस जयशंकर की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर दी गई जानकारी को साझा किया है.

एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर बताया, ”भारत ने नेपाल के राहत कार्यों में मदद के लिए 10 टन एचएडीआर और ज़रूरी दवाएं भेजी हैं.”

”हमारी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं.”

”इस मुश्किल समय में भारत.. नेपाल और उसके लोगों के साथ मज़बूती से खड़ा है.”
नेपाल के नुवाकोट जिले की कल्पना मल्ल ने बताया, “मेरे परिवार के लोग मेरी आंखों के सामने बाढ़ में बह गए.”

उन्होंने कहा कि उनके पिता, मां, बहन और बहन के बच्चे सभी बाढ़ में बह गए.

उन्होंने कहा, “वे बाढ़ से बच नहीं सके. उनके पास बचने का कोई मौका ही नहीं था. इस बाढ़ ने सब कुछ छीन लिया. लेकिन मैं और मेरा बेटा एक घर की छत पर चढ़ गए और बच गए. हमें खुद समझ नहीं आ रहा कि हम कैसे बच पाए.”

उनके बेटे सुगम मल्ल ने बताया कि उन्होंने अपनी मां का हाथ पकड़कर उन्हें बचाया.

उन्होंने कहा, “इससे पहले मैंने अपना फ़ोन अपनी बहन को दे दिया था ताकि वह सुरक्षित रहे और मदद के लिए संपर्क कर सके. लेकिन अब उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है. उसका मोबाइल बंद है. मुझे डर है कि कहीं वह भी बाढ़ में बह न गई हो.”

एक अन्य महिला गोमा पंडित ने बताया कि उनकी भैंसें और दूसरे सभी मवेशी बह गए.

उन्होंने कहा, “मेरी खेती की जमीन भी बह गई. सरसों के 10 बोरे, कई टन मक्का और धान की पूरी फसल बह गई. अब कुछ भी नहीं बचा है.”

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *