बिलासपुर 20 फरवरी- हिमाचबिलासपुर में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय वार्षिक वन खेल और ड्यूटी
प्रतियोगिता 2020 का सफलतापूर्वक आयोजन
गोविंद सिंह ठाकुर, माननीय वन, परिवहन, युवा सेवाएं और खेल मंत्री हिमाचल
प्रदेश ने राज्य स्तरीय वार्षिक वन खेल और ड्यूटी प्रतियोगिता के समापन
समारोह की अध्यक्षता की।
बिलासपुर 20 फरवरी- हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने बिलासपुर में तीन दिवसीय
वार्षिक राज्य स्तरीय वन खेल और ड्यूटी प्रतियोगिता -2020 का आयोजन किया।
राज्य भर से 70 महिला प्रतिभागियों सहित लगभग 700 प्रतिभागियों ने
विभिन्न ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं और खेलों में भाग लिया। उन्होंने
आयोजन के दौरान अनुशासन और खेल के प्रति अपनी सच्ची भावना प्रदर्शित की।
गोविंद सिंह ठाकुर, वन, परिवहन, युवा सेवाएं और खेल मंत्री ने बिलासपुर
के लुहणू मैदान में समापन समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने
आयोजन के सुचारू संचालन के लिए आयोजकों और अन्य अधिकारियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रदेश में वन सम्पदा की रक्षा और सम्बर्धन
के कार्य को वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी दिन-रात डियूटी करके बाखूबी के
साथ निभा रहे है। उन्होंने कहा कि जंगलों को आग से बचाने, अवैध कटान को
रोकने जैसे कार्य के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का शारीरिक, मानसिक
और बौद्धिक रूप से सशक्त होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि खेलें
व्यक्ति को स्वस्थऔर अनुशासित बनाती हैं। उन्होंने कहा कि खेलों के
उपरांत कर्मचारी नई उर्जा और स्फूर्ती के साथ मिलजुल कर फिल्ड में कार्य
करेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने कई राष्ट्रीय और
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाडी पैदा किये हैं। उन्होंने विभिन्न खेलों
में भाग लेने वाले विजेताओं को बधाई दी तथा सभी खिलाड़ियों के प्रयासों
की भी सराहना की।
इस अवसर पर विधायक सुभाष ठाकुर ने वन विभाग की राज्य स्तरीय
प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए धन्यावाद किया और कहा कि प्रदेश के वन
प्र्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के
खेलों के आयोजनों से कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में दक्षता आती है।
उन्होंने कहा कि साहसिक खेलों के लिए जिला की बंदला धार को तकनीकी अनुमति
मिली है जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और खेल मंत्री का धन्यावाद किया।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर ही प्रदेश में एकमात्र ऐसा जिला है जहां पर जल,
थल और नभ तीनों खेलों की सुविधा उपलब्ध है।
अजय कुमार प्रधान मुख्य अरण्यपाल, वन बल प्रमुख, हिमाचल प्रदेश ने
मुख्यातिथि तथा अन्य अतिथितियों का स्वागत किया। उन्होंने उन खेलों के
इतिहास के बारे में बताया, जो शिमला में नब्बे के दशक की शुरुआत में शुरू
किए गए थे।
आर.एस. पाटिया मुख्य अरण्यपाल बिलासपुर वन वृत्त ने प्रतियोगिता के
आयोजन में जुड़े अन्य विभागों,सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को धन्यवाद
दिया। उन्होंने प्रेस व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी धन्यवाद किया ।
वन मंत्री ने गत् राष्ट्रीय वन खेल और ड्यूटी मीट के विजेताओं को भी
सम्मानित किया और उन्हें नकद पुरस्कार वितरित किए । गौरतलब है कि हिमाचल
प्रदेश वन विभाग ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में 2019 के दौरान आयोजित पिछली
राष्ट्रीय वन और खेल ड्यूटी मीट में 5 स्वर्ण, 6 रजत और 6 कांस्य सहित 17
पदक जीते थे । संजीव सूद हिमाचल प्रदेश राज्य वन सेवा से सेवा निवृत ,
जिन्हें उनके सेवा करियर के दौरान खेलों में योगदान के लिए राष्ट्रीय
खेलों में सम्मानित किया गया था, को बिलासपुर में भी सम्मानित किया गया ।
हमीरपुर फॉरेस्ट सर्कल इस प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान पर रहा। खेलों में
308 पदकों के लिए, तीन दिनों में मीट के दौरान 73 प्रतियोगिताओं का आयोजन
किया गया, जिसमें ट्रैक एंड फील्ड कार्यक्रम, शतरंज, कैरम, टेबल टेनिस,
बैडमिंटन, वॉलीबॉल, कबड्डी, फुटबॉल, बास्केटबॉल, प्रश्नोत्तरी, लोक नृत्य
और लोक गीत प्रतियोगिता शामिल थे । शिमला और रामपुर फॉरेस्ट सर्किल के
बीच माननीय वन मंत्री की उपस्थिति में रसा कस्सी प्रतियोगिता का फाइनल
मैच आयोजित किया गया, जिसमें रामपुर फॉरेस्ट सर्कल ने अपनी ताकत का
प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीता।
इस मौके पर विधायक घुमारवीं राजिंदर गर्ग विशेष रूप से उपस्थित रहे। अन्य
गणमान्य भी इस मौके पर मौजूद रहे।ल प्रदेश वन विभाग ने बिलासपुर में तीन दिवसीय
वार्षिक राज्य स्तरीय वन खेल और ड्यूटी प्रतियोगिता -2020 का आयोजन किया।
राज्य भर से 70 महिला प्रतिभागियों सहित लगभग 700 प्रतिभागियों ने
विभिन्न ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं और खेलों में भाग लिया। उन्होंने
आयोजन के दौरान अनुशासन और खेल के प्रति अपनी सच्ची भावना प्रदर्शित की।
गोविंद सिंह ठाकुर, वन, परिवहन, युवा सेवाएं और खेल मंत्री ने बिलासपुर
के लुहणू मैदान में समापन समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने
आयोजन के सुचारू संचालन के लिए आयोजकों और अन्य अधिकारियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रदेश में वन सम्पदा की रक्षा और सम्बर्धन
के कार्य को वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी दिन-रात डियूटी करके बाखूबी के
साथ निभा रहे है। उन्होंने कहा कि जंगलों को आग से बचाने, अवैध कटान को
रोकने जैसे कार्य के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का शारीरिक, मानसिक
और बौद्धिक रूप से सशक्त होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि खेलें
व्यक्ति को स्वस्थऔर अनुशासित बनाती हैं। उन्होंने कहा कि खेलों के
उपरांत कर्मचारी नई उर्जा और स्फूर्ती के साथ मिलजुल कर फिल्ड में कार्य
करेंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश ने कई राष्ट्रीय और
अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाडी पैदा किये हैं। उन्होंने विभिन्न खेलों
में भाग लेने वाले विजेताओं को बधाई दी तथा सभी खिलाड़ियों के प्रयासों
की भी सराहना की।
इस अवसर पर विधायक सुभाष ठाकुर ने वन विभाग की राज्य स्तरीय
प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए धन्यावाद किया और कहा कि प्रदेश के वन
प्र्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के
खेलों के आयोजनों से कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में दक्षता आती है।
उन्होंने कहा कि साहसिक खेलों के लिए जिला की बंदला धार को तकनीकी अनुमति
मिली है जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और खेल मंत्री का धन्यावाद किया।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर ही प्रदेश में एकमात्र ऐसा जिला है जहां पर जल,
थल और नभ तीनों खेलों की सुविधा उपलब्ध है।
अजय कुमार प्रधान मुख्य अरण्यपाल, वन बल प्रमुख, हिमाचल प्रदेश ने
मुख्यातिथि तथा अन्य अतिथितियों का स्वागत किया। उन्होंने उन खेलों के
इतिहास के बारे में बताया, जो शिमला में नब्बे के दशक की शुरुआत में शुरू
किए गए थे।
आर.एस. पाटिया मुख्य अरण्यपाल बिलासपुर वन वृत्त ने प्रतियोगिता के
आयोजन में जुड़े अन्य विभागों,सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को धन्यवाद
दिया। उन्होंने प्रेस व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का भी धन्यवाद किया ।
वन मंत्री ने गत् राष्ट्रीय वन खेल और ड्यूटी मीट के विजेताओं को भी
सम्मानित किया और उन्हें नकद पुरस्कार वितरित किए । गौरतलब है कि हिमाचल
प्रदेश वन विभाग ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में 2019 के दौरान आयोजित पिछली
राष्ट्रीय वन और खेल ड्यूटी मीट में 5 स्वर्ण, 6 रजत और 6 कांस्य सहित 17
पदक जीते थे । संजीव सूद हिमाचल प्रदेश राज्य वन सेवा से सेवा निवृत ,
जिन्हें उनके सेवा करियर के दौरान खेलों में योगदान के लिए राष्ट्रीय
खेलों में सम्मानित किया गया था, को बिलासपुर में भी सम्मानित किया गया ।
हमीरपुर फॉरेस्ट सर्कल इस प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान पर रहा। खेलों में
308 पदकों के लिए, तीन दिनों में मीट के दौरान 73 प्रतियोगिताओं का आयोजन
किया गया, जिसमें ट्रैक एंड फील्ड कार्यक्रम, शतरंज, कैरम, टेबल टेनिस,
बैडमिंटन, वॉलीबॉल, कबड्डी, फुटबॉल, बास्केटबॉल, प्रश्नोत्तरी, लोक नृत्य
और लोक गीत प्रतियोगिता शामिल थे । शिमला और रामपुर फॉरेस्ट सर्किल के
बीच माननीय वन मंत्री की उपस्थिति में रसा कस्सी प्रतियोगिता का फाइनल
मैच आयोजित किया गया, जिसमें रामपुर फॉरेस्ट सर्कल ने अपनी ताकत का
प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीता।
इस मौके पर विधायक घुमारवीं राजिंदर गर्ग विशेष रूप से उपस्थित रहे। अन्य
गणमान्य भी इस मौके पर मौजूद रहे।