बिलासपुर 22 फरवरी- मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 प्रकाश दरोच ने जानकारी
देते हुए बताया कि राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में किशोर स्वास्थ्य दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि इस अवसर
पर छात्रों को किशोरावस्था के दौरान शरीर में होने में स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में जगरूक किया गया।
किशोर स्वास्थ्य दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य आजेश शर्मा
एवं पूर्ण चन्द जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी ने की। स्वास्थ्य शिक्षक
प्रवीण शर्मा ने स्कूल के छात्रों को किशोर स्वास्थ्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया की किशोरावस्था जीवन का वह वसंत है जिसमें सारे किशोर अपनी योग्यता को दिखाने व देश के लिए विशिष्ट कार्य करने की क्षमता रखते हैं। इस अवस्था में किशोर अपनी उर्जा को अगर सही दिशा में लगाएं तो वह बहुत अच्छे नागरिक बन सकते हैं परंतु अगर उनको सही मार्गदर्शन नहीं मिला तो वह अपनी उर्जा को गलत दिशा में लगाकर अपने आप को दिशाहीन कर लेते हैं। कुछ लोग नशे की आदत में फंस जाते हैं कुछ चोरी डकैती आदि असामाजिक कार्य करते हैं जिससे वह अपना स्वास्थ्य तो बर्बाद करते हैं पर साथ ही साथ समाज को भी गंदा करते हैं। किशोरावस्था में बच्चों को अपनी उर्जा को खेलना-कूदना ,पढ़ना-लिखना, पेंटिंग करना, स्विमिंग करना, डांस करना आदि की तरफ लगाना चाहिए। इसके लिए इस उम्र में बच्चों को सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है ताकि वह अपना पथ ना भटके।
उन्होंने बताया कि इसी के मध्य नजर भारत सरकार ने किशोर स्वास्थ्य दिवस
मनाने का फैसला लिया है ताकि इस वर्ग को दिशाहीन होने से बचाया जा सके जो
क्योंकि आज का युवा देश का भविष्य हैं।
इस अवसर पर पूर्ण चन्द जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी ने बताया कि किशोर स्वास्थ्य के छः आयाम है। जिनमें सबसे पहले इस उम्र के बच्चों को अपने
पोषण का ध्यान रखना चाहिए। उसे हरी पत्तेदार सब्जियां फल आदि अपने भोजन
में जरूर लेनी चाहिए ताकि उसके स्वास्थ्य को बनाए रखने के साथ-साथ उसकी वृद्धि भी सामान्य दर से हो। दूसरा बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य के लिए
आउटडोर गेम्स, मेडिटेशन, संगीत आदि का अध्ययन अभ्यास करना चाहिए ताकि
कठिन परिस्थितियों में भी वे मानसिक संतुलन ना खोएं। ंतीसरा आयाम युवकों को चोट और अहिंसा से अपने आप को बचाएं और नशे की लत से दूर रखें, इस उम्र में गैर संचारी रोग भी पैदा होने लग जाते हैं। इसलिए इस उम्र के बच्चों को प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी रखना बहुत जरूरी है।
उन्होंने बताया कि इस उम्र में शरीर का विकास होने के साथ-साथ शरीर में
बहुत सारे बदलाव आने शुरू हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि किशोर अवस्था
में बच्चों को इन पहलुओं के बारे में जानकारी होना आवश्यक है तभी वह अपने
आप को स्वस्थ रखेंगे। उन्होंने बताया कि अगर युवा स्वस्थ होंगे तो वह
अपनी जिंदगी में अच्छे नागरिक बनकर अच्छे काम कर एक अच्छे देश का निर्माण
करेंगे।