शिमला। हिमाचल प्रदेश के पंचायत वेटनरी सहायक भी अब आंदोलन की राह पर चलेंगे। सितंबर 2012 में भर्ती हुए 507 वेटनरी सहायक अभी तक नियमित नहीं हो पा रहे हैं। ये तीन फरवरी को मास कैजुअल लीव पर रहेंगे। उस दिन जिलों में डीसी, एसडीएम के माध्यम से सरकार को ज्ञापन देंगे। अगर फिर भी नियमित नहीं किए तो बजट सत्र के दौरान क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठेंगे। यह हड़ताल अनिश्चितकालीन होगी। इस संबंध में संघ के पदाधिकारियों ने साेमवार को शिमल में मुख्यममंत्री जयराम ठाकुर से सरकारी आवास ओकओवर में मुलाकात की है।

उन्होंने आश्वासन दिया है कि सरकार वेटनरी सहायकों की मांगों पर सहानूभूतिपूर्वक विचार करेगी। अब ये पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर से मिलेंगे। इसके बाद संगठन की बैठक होगी। इसमें आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश पंचायत वेटनरी सहायक संघ की प्रदेशाध्यक्ष संधिरा टेगटा ठाकुर ने बताया कि उन्हें सरकार और अधिकारियों से कोरे आश्वासन ही मिले हैं। 26 अप्रैल 2018 में अनुबंध पर लाने का मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला हुआ। साढ़े तीन साल अनुबंध पर सेवाएं देते पूरे हो गए हैं। फिर भी नियमित नहीं हो पा रहे हैं, जबकि सरकार की नीति के अनुसार तीन साल में नियमित हो जाने चाहिए थे, अब तो अनुबंध कर्मी दो साल में नियमित होते हैं।
किस पद पर होंगे नियमित
ये फार्मासिस्ट के पदों पर नियमित होंगे। अभी 470 पद रिक्त हैं। जबकि 60 और पद खाली होने वाले हैं। बावजूद इसके सरकार इनके हितों की अनदेखी कर रही है। इससे हरेक कर्मी को प्रतिमाह 16 से 18 हजार का वित्तीय नुकसान हो रहा है।
कब हुई थी भर्ती
इनकी भर्ती 2012 में हुई थी। तब इनकी संख्या साढ़े आठ सौ थी। कुछेक तो नौकरी छोड़ गए, बाकी नियमित हो गए थे।
क्या कहता है संघ
प्रदेशाध्यक्ष पंचायत वेटनरी सहायक संघ संधिरा टेगटा ठाकुर का कहना है
सरकार हमारे साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। वित्त विभाग के पास चार बार मामला चला गया, चार बार अलग-अलग प्रधान सचिवाें, अतिरिक्त मुख्य सचिवों, मंत्री के साथ बैठकें हो गई। फिर भी नियमित नहीं हो पाए हैं। अब सब्र का बांध टूट गया है। आंदोलन ही एकमात्र विकल्प रह गया है। आज मुख्यमंत्री से मुलाकात की है।