कहा…होम क्वारंटाइन के उल्लंघन पर 1077 पर दें सूचना, होगी कड़ी कार्रवाई
मंडी, 1 मई : उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि मंडी जिला में होम क्वारंटाइन का सख्ती से पालन तय बनाने के लिए प्रत्येक उपमंडल में फ्लाइंग स्कवैड गठित की गई है। इनमें प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी शामिल हैं, जो होम क्वारंटाइन को लेकर लोगों की निगरानी करेंगे । इसके अलावा सभी उपमंडलों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इनके जरिए रैंडम कॉल करके भी होम क्वारंटाइन पालन को लेकर पता लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो भी लोग बाहर से जिला में आ रहे हैं, उन्हें जिला की सीमाओं पर स्वास्थ्य जांच के साथ ही उनकी पूरी जानकारी साफ्टवेयर में दर्ज की जा रही है। जिसे एसडीएम के जरिए पंचायतों से साझा किया जा रहा है। इस तरह एक पूरा निगरानी तंत्र बनाया गया है। नए आए लोगों का बॉर्डर पर दर्ज रिकॉर्ड और उनकी पंचायतों में तैयार सूचना का भी रोजाना मिलान किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार का कोई गैप न रहे।
उपायुक्त ने कहा कि बॉर्डर पर जांच के समय सभी लोगों को 14 दिन के अनिवार्य होम क्वारंटाइन की हिदायत दी जा रही है। इसे लेकर उन्हें केंद्र सरकार के निर्देशों की कॉपी देने के अलावा होम क्वारंटाइन कैसे रहें, क्या करें-क्या न करें एवं अन्य सावधानियों को लेकर भी सरल हिंदी में तैयार एक दस्तावेज सौंपा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को होम क्वारंटाइन के लिए कहा गया है उनके घरों पर इसे लेकर स्टीकर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपने व अपने परिवार एवं समाज की भलाई में होम क्वारंटाइन का ईमानदारी से पालन करने का आग्रह किया।
उन्होंने जनता से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति होम क्वारंटाइन का उल्लंघन करे तो 1077 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटाइन का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। साथ ही उसे घर की बजाय इंस्टीटयूशनल क्वारंटाइन में ले जाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता हाल ही में आए लोगों के घर जाकर होम क्वरंटाइन के पालन को लेकर एक घोषणा प्रपत्र पर उनके साइन लेंगी । वे फिर 7वें और 15वें दिन होम क्वारंटाइन व्यक्ति की जांच के लिए उनके घर जाएंगी। इस दौरान बीमारी के किसी प्रकार के लक्षणों को लेकर उनकी जांच की जाएगी ताकि स्वास्थ्य को लेकर किसी प्रकार की कोई शंका न रहे।
पंचायतों में वार्ड मेंबर भी निगरानी अधिकारी
उपायुक्त ने का कि जिला में निगरानी के तंत्र को और कसा गया है। पंचायतों के वार्ड मेंबर भी अब निगरानी अधिकारी होंगे। इस तरह अब पंचायतों में प्रधान, सचिव और सभी वार्ड मेंबर और शहरी निकायों में संबंधित पार्षद, सचिव व कार्यकारी अधिकारी को निगरानी अधिकारी के तौर पर को अपने क्षेत्र में आने वाले लोगों की सूचना रखने एवं होम क्वारंटाइन को लेकर निगरानी और पालन तय बनाने का जिम्मा सौंपा गया है। इसके साथ ही आशा कार्यकर्ता, स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग के अधिकारी भी निगरानी अधिकारी हैं।
चरणबद्ध तरीके से दिए जा रहे कर्फ्यू पास, ताकि न हो अव्यवस्था
ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि जिला में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को चरणबद्ध तरीके से कर्फ्यू पास दिए जा रहे हैं। ताकि किसी प्र्रकार की अव्यवस्था न हो। और लोगों के एक साथ आने से बॉर्डर पर भीड़ न हो तथा जांच एवं अन्य इंतजामों को लेकर परेशानी का सामना न करना पड़े।
सभी की सुरक्षा क दृष्टिगत चरणबद्ध तरीके से कर्फ्यू पास दिए जा रहे हैं। हाल ही में 2 हजार से ज्यादा लोग जिला में लौटे हैं। आने वाले दिनों में और अनुमतियां दी जा रही हैं।
इसके अलावा लोग जिले के भीतर एवं अंतर्जिला कर्फ्यू पास के लिए संबंधित एसडीएम से भी संपर्क कर सकते हैं।