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18.10.2022
जनरेशन.नेक्स्ट डेमोक्रेसी नेटवर्क प्रोग्राम प्रतिनिधिमंडल ने आज हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला का दौरा किया । इस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कमल जीत सिंह, वरिष्ठ कार्यक्रम निदेशक, आगंतुक कार्यक्रम अनुभाग, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, विदेश मंत्रालय ने की। उन्होंने बताया कि विश्व के 75 लोकतांत्रिक देशों के प्रतिनिधियों के लिए इस यात्रा का आयोजन किया जाता है, जिसमें भारतीय लोकतन्त्र तथा संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत के बारे में अवगत करवाया जाता है ।

डॉ. संदीप शर्मा, निदेशक, हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला ने इस महत्वपूर्ण यात्रा के हिस्से के रूप में संस्थान को चुनने के लिए जनरल-नेक्स्ट डेमोक्रेसी नेटवर्क प्रोग्राम डेलिगेट्स का स्वागत किया। प्रारंभ में, डॉ. शर्मा ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, नई दिल्ली के वरिष्ठ कार्यक्रम निदेशक कमल जीत सिंह के नेतृत्व में अतिथि दल का औपचारिक स्वागत तथा अभिनंदन किया ।

डॉ. वनीत जिष्टू, वरिष्ठ वैज्ञानिक और उनकी टीम ने पश्चिमी हिमालय के महत्वपूर्ण वनस्पतियों के बारे में अवगत कराया और आसपास के जंगल की जानकारीपूर्ण सैर का आयोजन भी किया और शिमला और उसके आसपास पाए जाने वाले महत्वपूर्ण पेड़, जड़ी-बूटियों और झाड़ियों की प्रजातियों को दिखाया । डॉ. जिष्टू ने अतिथि प्रतिनिधि को देश के पश्चिमी हिमालयी राज्यों में वानिकी के विकास और पर्यावरण के संरक्षण के लिए संस्थान द्वारा की जा रही वानिकी अनुसंधान गतिविधियों के बारे में भी अवगत कराया। इसके बाद एक विस्तृत संवाद सत्र का भी आयोजन किया गया जिसमें अतिथि दल के प्रतिनिधियों और वैज्ञानिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इसके पश्चात संस्थान द्वारा हाल ही में स्थापित प्रौद्योगिकी प्रदर्शन केंद्र का भी दौरा किया गया, जहां संस्थान द्वारा वानिकी के क्षेत्र में विकसित प्रौद्योगिकियों को भी प्रदर्शित किया गया है।



आने वाले प्रतिनिधियों ने देश के इस महत्वपूर्ण हिस्से में वानिकी के विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला द्वारा किए जा रहे वानिकी अनुसंधान कार्यों में अपनी गहरी रुचि दिखाई ।

निदेशक, हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला ने बताया कि इस यात्रा के दौरान, टीम ने भारत की संसद, चुनाव आयोग, नगर समिति, नई दिल्ली, आगरा, अमृतसर तथा हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला का भी दौरा किया । डॉ. शर्मा ने बताया कि भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद द्वारा आज़ादी का अमृत महोत्सव की गतिविधियों के एक भाग के रूप में कोलंबिया, पनामा, डोमिनिकन गणराज्य, सेनेगल, जर्मनी तथा भारत के 25 प्रतिनिधियों के लिए एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया जा रहा है। ये युवा प्रतिनिधि अपने-अपने देशों में राजनीतिक दलों (सत्तारूढ़ और विपक्ष दोनों), उद्यमियों और उभरते नेताओं के रुप में जाने जाते हैं । उन्होंने आशा व्यक्त की कि वानिकी अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा से अतिथि प्रतिनिधिमंडल तथा हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान, शिमला के वैज्ञानिक निश्चित रूप से लाभान्वित होंगे।

भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR), जिसकी स्थापना 1950 में स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने की थी। इसका उद्देश्य भारत के बाहरी सांस्कृतिक संबंधों से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों के निर्माण और कार्यान्वयन में सक्रिय रूप से भाग लेना है; भारत और अन्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों और आपसी समझ को बढ़ावा देना और मजबूत करना; अन्य देशों और लोगों के साथ सांस्कृतिक

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