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शिमला संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस के भीतर शीघ्र ही किसी बड़े बदलाव के आसार है। मंत्रीमंडल में किसी एक मंत्री को कुर्सी छोड़नी पड़ेगी और इसमें सबसे वरिष्ठतम मंत्री भी हो सकता है। कारण यह है यह संसदीय क्षेत्र अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। ऐसे में कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष इस बार दलित समाज से आने वाला है।

देखना है कि नया अध्यक्ष सोलन से आता है या फिर सिरमौर जिले से आएगा। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद को लेकर लगभग सारा ताना बाना बुना जा चुका है। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से भी हिमाचल के शीर्ष नेता मिल चुके हैं, इसमें मुख्य रूप से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू समेत उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री व पार्टी की अध्यक्ष पूर्व सांसद प्रतिभा वीरभद्र सिंह शामिल है। प्रदेश की कांग्रेस पार्टी की प्रभारी रजनी पाटिल द्वारा भी विस्तार से पूरी रिपोर्ट केंद्र के शीर्ष नेताओं को सौंपी जा चुकी है और अब विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सहमति का इंतजार किया जा रहा है। चर्चा है कि इस बार कांग्रेस के शीर्ष नेता हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अहम ओहदे पर किसी दलित चेहरे को बिठाना चाहते हैं, ताकि हिमाचल में दलित वोट पूरी तरह से कांग्रेस के पाले में रहे।पिछले कुछ समय से कांग्रेस के हाथ से दलित वोट भाजपा की ओर खिसका है इसमें कोई संदेह भी नहीं है। ऐसे में कांग्रेस के शीर्ष नेता चाहते हैं कि दलित वोट कांग्रेस का परपरांगत वोट रहा है, इसेकिसी भी कीमत में बाहर जाने नहीं दिया जाएगा। पिछले काफी समय से दलित चेहरे के हाथ में हिमाचल कांग्रेस का संगठन आया नहीं है। प्रदेश के चार संसदीय क्षेत्रों में कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी व शिमला में सबसे ज्यादा दलित समुदाय शिमला संसदीय क्षेत्र में है। यही कारण भी है कि शिमला संसदीय क्षेत्र लोक सभा चुनाव में दलित समुदाय के लिए आरक्षित रहता है। लोकसभा चुनाव में दलित समाज निर्णायक भूमिका निभाता रहा है। भले ही यहां पर सवर्ण वोट बैंक भी कम नहीं है। लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पदबार दलित समाज का चेहरा ही आगे आता दिखाई दे रहा है। यह भी लगभग निश्चित है कि शिमला संसदीय क्षेत्र से ही कांग्रेस पार्टी का नया अध्यक्ष मनोनीत हो रहा है। इस तरह की कसरत पार्टी के भीतर चल रही है। इस कड़ी में विधानसभा के उपाध्यक्ष व रेणुका से विधायक विनय कुमार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से शिष्टाचार भेंट कर भी चुके हैं। इसके अलावा, कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी की भी चर्चा अध्यक्ष को लेकर चली है, लेकिन विनोद अभी युवा नेता हैं। ऐसे में विनोद के ऊपर पार्टी का शीर्ष नेता दांव शायद खेलने वाला नहीं है।

By admin

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