2 अगस्त 2025। प्रदेश में अपनी आमदनी को बढ़ाने के लिए एचआरटीसी सोमवार से हिम बस कार्ड बनाने शुरू कर देगा। एचआरटीसी के सभी डिपुओं में और बस अड्डों पर इस तरह के कार्ड बनेंगे। वहां 200 रुपए देकर यह कॉर्ड बनाया जा सकेगा। यह यूनिफाइड डिजिटल पास होगा, जिसे मशीन में टैप करने के बाद व्यक्ति की पहचान सामने आ जाएगी। इससे एचआरटीसी साल में करीब 12 करोड़ रुपए की राशि कमाएगी। पहले साल में यह कार्ड 200 रुपए में तो दूसरे साल में फिर 150 रुपए में बनेगा। एचआरटीसी 28 श्रेणियों के यात्रियों को कंसेशनल यात्रा सुविधा देता है, जिसमें से 17 श्रेणियों को मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान की जाती है। अब इन मुफ्त श्रेणी यात्रियों को भी हिम बस कॉर्ड बनवाना होगा जिसका फैसला कैबिनेट में लिया गया है। पुलिस, प्रेस, दिव्यांग व कैंसर मरीज सहित अन्य कुछ पात्र श्रेणियां इसकी जद में आएंगी। महिलाओं को भी यह कार्ड बनवाया जरूरी होगा, लेकिन बड़ी बात यह है कि जो महिलाएं साल में एक या दो बार ही एचआरटीसी की बसों में सफर करती हैं वो यह कार्ड क्यों बनवाएंगी। इससे विशेषतया एचआरटीसी को पता चलेगा कि उसकी मुफ्त या रियायती सेवा का लाभ कौन-कौन उठा रहा है।
पहले साल 200, दूसरे साल 150 रुपए
निगम की बसों में किसी भी तरह की फ्री व रियायती यात्रा सेवा अब नहीं मिलेगी क्योंकि इसके लिए व्यक्ति को पहले साल में 200 और दूसरे में 150 रुपए तो अदा करने ही होंगे। एचआरटीसी द्वारा पुलिस, प्रैस, कैंसर मरीजों कई अन्य कैटेगरी को निशुल्क सुविधा प्रदान करेगा।
अव कार्ड दिखाकर ही मिलेगी रियायत
एचआरटीसी के अधिकारियों को प्रबंध निदेशक द्वारा हिम बस कार्ड बनाए जाने की औपचारिकताओं पर काम करने को कहा गया है। जैसे ही सरकार से लिखित आदेश आते हैं यह कार्ड बनाए जाने शुरू हो जाएंगे। माना जा रहा है कि सोमवार से इस प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। महिलाओं को भी हिम बस कार्ड दिखाकर ही रियायत मिलेगी।
कार्ड में फोटो के साथ चिप
एचआरटीसा एचआरटीसी द्वारा बनाया जा रहा कार्ड पूरी तरह से डिजिटल होगा। इस कार्ड में सुविधा प्राप्त करने वाले यात्री की फोटो लगी होगी। यह कार्ड भी चिप युक्त होगा। कंडक्टर की मशीन में टैप करने के बाद पात्र व्यक्ति की पूरी डिटेल मशीन में आ जाएगी।