Spread the love

हिमाचल के बिलासपुर में दर्दनाक हादसा… बस पर पहाड़ से गिरा मलबा, 16 की मौत, दो बच्चे घायल। पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल है, NDRF ने सर्च ऑपरेशन तेज किया है।

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल के भल्लू पुल के पास मंगलवार शाम हुए दर्दनाक बस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। मंगलवार शाम करीब 6:25 बजे अचानक पहाड़ी दरकने से भारी मलबा नीचे गिरा और उस वक्त सड़क से गुजर रही निजी बस उसकी चपेट में आ गई। हादसे में 15 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। एक बच्चा अभी भी लापता है, जिसकी तलाश में NDRF की टीमें सुबह से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

खोजी कुत्तों के साथ भी टीमों ने सर्च ऑपरेशन चलाया।

SP बिलासपुर संदीप धवल ने बताया कि मृतकों में 9 पुरुष, 4 महिलाएं और 2 बच्चे शामिल हैं। हादसे के बाद अंधेरा और लगातार बारिश रेस्क्यू में बड़ी बाधा बनी, लेकिन पुलिस, प्रशासन और ग्रामीणों ने रातभर राहत कार्य जारी रखा। सुबह होते ही NDRF और SDRF की टीमें भी मौके पर पहुंचीं।

पुलिस के साथ ग्रामीण मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटे रहे।

हादसे में मरोतन से घुमारवीं जा रही बस पूरी तरह मलबे में दब गई। बचाव दल ने दो बच्चों को जिंदा बाहर निकाला — इनमें एक लड़का और एक लड़की शामिल हैं। दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। लापता बच्चे की तलाश के लिए कुत्तों की मदद से सर्च ऑपरेशन जारी है।

हादसे के पता चलते ही मौके पर JCB बुलाई गईं, जिनसे मलबा हटाया गया।

बरसात के बीच मातम का सन्नाटा


बरठीं और आसपास के गांवों में मातम का माहौल है। हादसे में एक ही गांव के चार लोगों की मौत हो गई, जिससे वहां एक साथ चार चिताएं उठेंगी। हर तरफ चीख-पुकार और आंसूओं की लकीरें हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब मलबा गिरा तो बस की छत टूटकर नीचे धंस गई और सब कुछ कुछ ही सेकंड में खत्म हो गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और राहत कार्यों में तेजी लाई जा रही है।

हादसे में जिनकी मौत हुई उनमें शरीफ खान, रजनीश कुमार, चुन्नी लाल, सोनू, बख्शी राम, नरेंद्र शर्मा, कृष्ण लाल, नक्ष, प्रवीण कुमार, अंजना देवी, आरव, कांता देवी, विमला, कमलेश और संजीव कुमार शामिल हैं। घायलों में आरुषि और शौर्य का इलाज जारी है।

बरठी अस्पताल में सुबह से पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू हो गई है। परिजनों की आंखों में नमकीन आंसू और प्रशासन की भारी उपस्थिति के बीच दर्द की कहानियां गूंज रही हैं

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में आज (8 अक्टूबर) एक घर से 4 अर्थियां एक साथ उठेगी। बस हादसे में एक ही परिवार के 2 बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दो सगे भाई और देवरानी-जेठानी शामिल है, जबकि इसी परिवार के दो बच्चे गंभीर रूप से घायल है। इन दोनों को बरठी अस्पताल से एम्स बिलासपुर रेफर किया गया है।

बस हादसे में घायल शौर्य को अस्पताल ले जाते हुए लोग।

दरअसल, झंडुता विधानसभा के फगोग गांव की अंजना देवी (29) मंगलवार सुबह अपने मायके गंगलोह गांव के एक फंक्शन में शामिल होने गई। वह, अपने साथ बेटे, नक्ष 7 साल व आरव 4 साल, जेठानी कमलेश (26) और उसकी बेटी आरुषि और बेटे शौर्य को साथ लेकर गई। शाम के वक्त फंक्शन से वापस लौटते वक्त हादसे का शिकार हो गए।

बस हादसे में घायल आरुषि अस्पताल में उपचाराधीन।

इस हादसे में देवरानी-जेठानी समेत नक्ष और आरव चारों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे के बाद झंडुता क्षेत्र में शोक की लहर है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *