हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश में कोविड-19 की तीसरी लहर के बीच दी गई ढील के दौरान स्कूलों को भी खोलने का फैसला लिया गया। गुरुवार को विद्यालयों को खोल भी दिया गया और बारिश के बीच स्टूडेंट्स एक बार फिर अपने शिक्षण संस्थानों में पहुंचे।

स्टूडेंटस द्वारा स्कूल खोलने पर दी की प्रतिक्रिया के दौरान यह बात सामने आई है कि वार्षिक परीक्षाओं के नजदीक स्कूलों को खोले जाने से उनका मनोबल कुछ हद तक बना है। हालांकि, ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था को भी छात्र-छात्राएं उपयोगी मानते हैं, लेकिन फिर भी शिक्षकों के साथ कक्षाओं में पढ़ाई करने का अलग ही अनुभव रहता है। दूसरी तरफ शिक्षण संस्थानों में कोविड-19 के तमाम प्रोटोकॉल्स और कोविड-19 अनुरूप व्यवहार को अमल में लाते हुए कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया गया है। शैक्षणिक संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों का कहना है कि कोविड-19 के चलते सबसे ज्यादा नुकसान शिक्षा व्यवस्था का हुआ है। फिलहाल, 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं के लिए स्कूल खोले गए हैं। 2 वर्ष से जिस तरह स्कूलों को बंद करने खोलने का क्रम जारी रहा उससे पढ़ाई काफी बाधित हुई। लेकिन अब वार्षिक परीक्षाओं के नजदीक आकर स्कूलों को खोलने का फैसला सराहनीय है।स्टूडेंट्स का कहना है कि ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था के तहत अभी शिक्षक उन्हें हर संभव मदद प्रदान करते रहे हैं, लेकिन कक्षाओं में आकर ऑफलाइन मोड में शिक्षा हासिल करना अलग अनुभव रहता है। उन्होंने कहा कि वार्षिक परीक्षाओं से पूर्व जितने भी दिन स्कूल आना होगा इस दौरान डट कर मेहनत करेंगे ताकि वार्षिक परीक्षा में अच्छे अंक लेकर उत्तीर्ण हो और साथ ही साथ आने वाले वर्षों के लिए शिक्षा व्यवस्था में खुद को मजबूत कर सके।
फोलो कर रहे प्रोटोकॉल
जिला मुख्यालय के गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल की वाइस प्रिंसिपल प्रेरणा गौतम का कहना है कि शिक्षकों के लिए संस्थानों को 1 फरवरी को ही खोल दिया गया था।बच्चों के लिए करीब 1 महीने के बाद स्कूलों को दोबारा से खोला गया है, जिसमें 9वीं से लेकर जमा दो तक की सभी कक्षाओं को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा। स्कूल के सभी क्लास रूम की सफाई करने के बाद उन्हें सैनिटाइज किया गया है, शिक्षकों के साथ-साथ स्टूडेंट्स को भी कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने की हिदायत जारी की गई है।स्कूल पहुंचने पर बच्चों के थर्मल स्कैनिंग के साथ-साथ सैनिटाइजेशन का भी प्रबंध किया गया है।इतना ही नहीं बच्चों के लिए फेस मास्क भी स्कूल में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।