रिकांग पिओ-29 फरवरी, 2020
सहायक आयुक्त कर एवं आबकारी रिकांग पिओ सुरेंद्र ठाकुर ने आज यहां बताया कि जुलाई 2017 में देशभर में जी.एस.टी. लागू होने से जो कर सम्बन्धि अधिनियम जी.एस.टी. में शामिल हुए उन अधिनियमों के तहत जो भी कर निर्धारण के मामले लम्बित है उन मामलों के निपटारे के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने व्यापारियों की सुविधा के लिए सरल व सुविधाजनक योजना लीगेसी केसीज रेजोल्यूशन योजना 2019 आरंभ की है इस योजना को लागू करने का मुख्य उद्देश्य विभिन्न अधिनियम के तहत लंबित कर निर्धारण मामलों का एकमुश्त निपटारा सुनिश्चित बनाना है ।
सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि वह सभी व्यापारी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं । जिन मामलों में कर निर्धारण कर दिया गया है परंतु मांग की वसूली लंबित है इसके अलावा ऐसे मामले जिनका कर निर्धारण होना है। वह भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं ।उन्होंने कहा कि इस संबंध में व्यापारियों को एल सी आर एस – 1 फॉर्म में 30 अप्रैल 2020 तक प्रत्येक वित्त वर्ष के लिए घोषणा पत्र नामित समिति के पास जमा करना होगा। इसके उपरांत नामित समिति व्यापारी को एलसीआरएस – 3 फॉर्म में डिस्चार्ज प्रमाण पत्र जारी करेगी ।इसके साथ व्यापारी व कंपनी को सभी संबंधित दस्तावेज व अन्य सेटलमेंट शुल्क भी संलग्न करना होगा उन्होंने कहा कि कंपनी फर्म को अपनी बैलेंस शीट तथा व्यापारियों को ट्रेडिंग प्रॉफिट ओर लॉस अकाउंट संलग्न करना होगा । इसके अतिरिक्त सभी फाईल की गई या नहीं की गई रिटर्नो का सार व प्रतियां भी सलग्न करनी होगी। उन्होंने कहा कि सेटलमेंट शुल्क के भुगतान का प्रमाण पत्र व कर निर्धारण आदेशों की प्रतियां जहां पर वसूली लंबित है के साथ अंतिम कर निर्धारण आदेश की प्रति, के अलावा नामित समितियों द्वारा मांगने पर अन्य दस्तावेज भी जमा करवाने होंगे ।
सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि यदि व्यापारी ने सभी रिटर्न समय पर देय कर के साथ जमा करवाई है तो उसे कोई भी सेटलमेंट शुल्क नहीं लगेगा । परंतु यदि व्यापारी ने समय पर रिटर्न जमा नहीं करवाई है परंतु देय कर का भुगतान कर दिया है तो सेटलमेंट शुल्क के रूप में देय कर का 10 प्रतिशत अदा करना होगा । उन्होंने कहा कि यदि स्टेचुटोरी फॉर्म-एफ, फॉर्म-सी, न तो कर निर्धारण के समय प्रस्तुत किया है और न ही घोषणा पत्र के साथ संलग्न किया है तो ऐसी स्थिति में सेटलमेंट शुल्क की गणना अलग प्रकार से की जाएगी ।
सुरेंद्र ठाकुर ने जिले के ऐसे सभी व्यापारियों व फर्मों से आग्रह किया है कि जिनके कर निर्धारण संबंधी मामले अभी लंबित है योजना का लाभ उठाने के लिए आगे आए उन्होंने कहा कि व्यापारियों के पास यह सुनहरी मौका है।
श्री ठाकुर ने जिले के व्यापारियों से यह भी आग्रह किया है कि वह भारत सरकार द्वारा व्यवसायियों की सुविधा के लिए आरंभ की गई राष्ट्रीय पेंशन योजना का लाभ उठाने के लिए भी आगे आए । उन्होंने कहा कि ऐसे सभी व्यापारी जिनका वार्षिक कारोबार डेढ़ करोड से कम है । इस योजना का लाभ उठा सकते हैं उन्होंने कहा कि लाभार्थी की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए । योजना के तहत आयु के अनुसार 55 रुपये से 200 रुपये प्रतिमाह प्रीमियम भरना होगा उतनी ही राशि का अंशदान भारत सरकार द्वारा दिया जाएगा उन्होंने कहा कि 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर न्यूनतम ₹3000 प्रति माह पेंशन दी जाएगी।
उन्होने कहा कि इस बारे अधिक जानकारी के लिए रिकांग पिओ स्थित सहायक आयुक्त, कर एवं आबकारी कार्यालय में सम्पर्क कर सकते है ।